21 दिसंबर से शुरू होगा शिल्पग्राम उत्सव 2024, पहले दिन फ्री एंट्री
उदयपुर का विश्वप्रसिद्ध शिल्पग्राम उत्सव 21 दिसंबर से शुरू होगा। पहले दिन प्रवेश निःशुल्क रहेगा। प्रशासनिक बैठक में सुरक्षा, यातायात और सुविधाओं की समीक्षा हुई।
21 दिसंबर से रंग बिखेरेगा विश्वप्रसिद्ध शिल्पग्राम उत्सव, तैयारियों को लेकर प्रशासनिक बैठक आयोजित
पर्यटकों को बेहतर अनुभव देने पर मंथन, पहले दिन निःशुल्क रहेगा प्रवेश
उदयपुर, 09 दिसंबर। लेकसिटी उदयपुर में सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक विश्वप्रसिद्ध दस दिवसीय शिल्पग्राम उत्सव इस वर्ष 21 दिसंबर से अपने पारंपरिक रंग बिखेरने जा रहा है। उत्सव का शुभारंभ प्रदेश के माननीय राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े के कर कमलों द्वारा होगा, वहीं पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया तथा केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

उत्सव को सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित ढंग से सम्पन्न कराने हेतु जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में मंगलवार को शिल्पग्राम परिसर के कॉन्फ्रेंस हॉल में जिला कलेक्टर के निर्देशन में एडीएम सिटी जितेंद्र ओझा की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित हुई।
बैठक में पर्यटकों एवं आमजन की सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा की गई। एडीएम ओझा ने यातायात को सुचारु रखने, पार्किंग व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा आवश्यकता पड़ने पर क्रेन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। उन्होंने शिल्पग्राम तक बेहतर पहुँच सुनिश्चित करने के लिए सिटी बसों के संचालन की योजना बनाने को भी कहा। आमजन के लिए उत्सव के पहले दिन प्रवेश निःशुल्क रहेगा।
सुरक्षा एवं आपात सेवाओं के मद्देनज़र एडीएम ओझा ने अग्निशमन प्रबंधों को मजबूत करने, मेडिकल टीम और एम्बुलेंस की तैनाती सुनिश्चित करने पर जोर दिया। स्वच्छता की दृष्टि से सभी स्टॉल संचालकों को कचरा पात्र उपलब्ध रखने और परिसर को साफ बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
बैठक में पश्चिमी क्षेत्र सांस्कृतिक कला केंद्र के निदेशक फुरकान खान, यूडीए सचिव हेमेंद्र नागर, एवीवीएनएल एसई के.आर. मीणा, पीएचईडी एसई रविन्द्र चौधरी, पर्यटन विभाग की उपनिदेशक शिखा सक्सेना, मुख्य अग्निशमन अधिकारी बाबूलाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
गौरतलब है कि पश्चिमी क्षेत्र सांस्कृतिक कला केंद्र द्वारा आयोजित शिल्पग्राम उत्सव देशभर के शिल्पकारों और लोक कलाकारों का प्रमुख संगम है। यहां कला, संस्कृति और परंपरा का अनूठा रूप देखने के लिए देश-विदेश से हजारों पर्यटक उमड़ते हैं। दस दिनों तक चलने वाला यह उत्सव इस बार भी विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, लोकनृत्यों और हस्तशिल्प प्रदर्शनी के साथ शहरवासियों और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनेगा।



