उदयपुर में सर्व धर्म स्नेह मिलन समारोह, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता का संदेश

गणतंत्र दिवस से पूर्व उदयपुर में सर्व धर्म मैत्री संघ द्वारा आयोजित सर्व धर्म स्नेह मिलन समारोह में सभी धर्मों के लोगों ने भाग लेकर भाईचारे, शांति और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।

उदयपुर में सर्व धर्म स्नेह मिलन समारोह, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता का संदेश

सर्व धर्म स्नेह मिलन समारोह: उदयपुर में भाईचारे और राष्ट्रीय एकता का सशक्त संदेश

उदयपुर।
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आपसी प्रेम, भाईचारा एवं राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सर्व धर्म मैत्री संघ की ओर से आयोजित सर्व धर्म स्नेह मिलन समारोह उदयपुर में सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। यह आयोजन शहर के पटेल सर्किल स्थित सर्व धर्म मैत्री संघ के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न धर्मों के लोगों ने सहभागिता कर सामाजिक समरसता का प्रभावशाली संदेश दिया।

समारोह का मुख्य उद्देश्य विभिन्न धर्मों के बीच आपसी सौहार्द, शांति और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना रहा। कार्यक्रम के दौरान सभी धर्मों के प्रतिष्ठित धर्मावलंबियों एवं प्रबुद्धजनों ने अपने उद्बोधनों में वर्तमान समय में बढ़ते वैश्विक तनावों के बीच आपसी एकता और प्रेम की आवश्यकता पर बल दिया।

सर्व धर्म मैत्री संघ के निदेशक फादर राजूजी ने बताया कि आज के सामाजिक परिदृश्य में ऐसे आयोजनों की आवश्यकता और भी बढ़ गई है, जो समाज को जोड़ने और आपसी विश्वास को मजबूत करने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों की मूल भावना मानवता, शांति और प्रेम को आगे बढ़ाने की है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ शिक्षाविद विमला सनाढ्य ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में प्रख्यात साहित्यकार सरदार जगजीत सिंह निशात उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में वरिष्ठ अधिवक्ता निर्मल कुमार पंडित, लक्ष्मण सोलंकी, डॉ. इकबाल सागर, डॉ. राजकुमार, यासिन खान, उमर फारुख, ओमान योना, हरिश तलरेजा, प्रमिला फर्नाडिस, पास्टर लक्ष्मण, सरदार सुजान सिंह सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। साथ ही विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं से जुड़ी सिस्टरों एवं समाजसेवियों की उल्लेखनीय भागीदारी रही।

समारोह का संचालन प्रख्यात शायर मुश्ताक चंचल ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सर्वधर्म प्रार्थना गीत के साथ हुआ, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक एवं सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया।

समापन अवसर पर फादर राजूजी ने सभी अतिथियों को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए स्मृति चिन्ह एवं उपरणा भेंट कर सम्मानित किया। यह आयोजन उदयपुर में धार्मिक सौहार्द, सामाजिक एकता और राष्ट्रीय एकजुटता का सशक्त प्रतीक बनकर सामने आया।