उदयपुर में शिक्षा को नई दिशा: विद्या भवन इंटरनेशनल स्कूल का भव्य शुभारंभ

बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर उदयपुर में विद्या भवन इंटरनेशनल स्कूल का शुभारंभ हुआ। अंतरराष्ट्रीय मानकों वाला यह विद्यालय गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा की नई पहचान बनेगा।

उदयपुर में शिक्षा को नई दिशा: विद्या भवन इंटरनेशनल स्कूल का भव्य शुभारंभ

उदयपुर में शिक्षा के क्षेत्र को नई उड़ान

विद्या भवन इंटरनेशनल स्कूल का भव्य शुभारंभ

उदयपुर, 23 जनवरी।
ज्ञान, कला और विद्या की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती को समर्पित बसंत पंचमी के पावन अवसर पर उदयपुर के शिक्षा जगत को एक नई और महत्वपूर्ण सौगात मिली। विद्या भवन परिसर में शुक्रवार को विद्या भवन इंटरनेशनल स्कूल का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी एवं जिला कलक्टर नमित मेहता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। 


अतिथियों ने माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष पूजन-अर्चन एवं दीप प्रज्ज्वलन कर विद्यालय का शुभारंभ किया। अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक मानकों के अनुरूप विकसित विशाल एवं आधुनिक परिसर में संचालित यह विद्यालय उदयपुर में शिक्षा के बढ़ते कदमों का सशक्त प्रतीक माना जा रहा है।

इस अवसर पर अतिथियों ने विद्या भवन की समृद्ध शैक्षणिक परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि उत्कृष्टता, गुणवत्ता और सृजनात्मकता पर आधारित यह संस्थान सदैव शिक्षा के क्षेत्र में आदर्श रहा है। रवींद्रनाथ टैगोर के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि यह विद्यालय भयमुक्त वातावरण में ऐसे नागरिकों का निर्माण करेगा, जो ज्ञान, मेधा, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता से परिपूर्ण होंगे।

कार्यक्रम में प्रसिद्ध उद्योगपति सलिल सिंघल ने शिक्षा और कौशल विकास के वर्तमान एवं भविष्य के परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी युग में लक्ष्य आधारित नवीनता, नवाचार और दूरदर्शिता ही प्रगति का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि विद्या भवन इंटरनेशनल स्कूल इन अपेक्षाओं पर खरा उतरेगा। 

विद्या भवन सोसायटी के अध्यक्ष जे.के. तायलिया ने कहा कि यह संस्थान देश और विदेश में एक उत्कृष्ट शैक्षणिक पहचान स्थापित करेगा, जहाँ संस्कारवान, संवेदनशील और विशिष्ट प्रतिभा से युक्त विद्यार्थी विकसित होंगे। वहीं, विद्या भवन के सीईओ राजेंद्र भट्ट ने बताया कि परिसर में एक विशाल एवं अत्याधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि विद्यालय में स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक प्रयोगशालाएं, खेलकूद एवं सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए विश्वस्तरीय शैक्षणिक सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं।

विद्यालय की निदेशक एवं प्रतिष्ठित उद्भव स्कूल का सफल नेतृत्व कर चुकी चांदनी गोलछा ने कहा कि विद्या भवन इंटरनेशनल स्कूल का उद्देश्य केवल अकादमिक उत्कृष्टता तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता और वैश्विक दृष्टिकोण का विकास करना भी इसकी प्राथमिकता है। 

शिक्षा सलाहकार शशांक वीरा ने केंब्रिज बोर्ड की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि चार वर्ष की आयु में इस विद्यालय में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी जब वर्ष 2045 में अपनी शिक्षा पूर्ण करेंगे, तब वे भविष्य की वैश्विक चुनौतियों के अनुरूप सक्षम एवं श्रेष्ठ नागरिक होंगे।

कार्यक्रम में कोटक महिंद्रा बैंक के सीएसआर प्रमुख शशांक जैन, शिक्षाविद मेघना राणा सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी अपने विचार साझा किए। समारोह में विद्या भवन परिवार के सदस्य, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।