46 वर्षों से निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा का संकल्प, बाराबंकी में 3300 सफल ऑपरेशन
स्वामी रामदास की स्मृति में पिछले 46 वर्षों से निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा का संकल्प जारी है। बाराबंकी के श्रीराम वन कुटीर आश्रम में आयोजित चिकित्सा शिविर में 3300 से अधिक सफल ऑपरेशन किए गए।
46 वर्षों से निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा का संकल्प निरंतर जारी
बाराबंकी में 3300 से अधिक सफल ऑपरेशन कर चिकित्सक दल उदयपुर लौटा
फोटो संलग्न
उदयपुर, 13 जनवरी।
स्वामी रामदास की पावन स्मृति एवं संत रामज्ञानदास की प्रेरणा से विगत 46 वर्षों से जरूरतमंदों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का संकल्प निरंतर जारी है। इसी क्रम में उदयपुर एवं चित्तौड़गढ़ जिले सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए चिकित्सकों के दल ने उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में आयोजित विशाल निःशुल्क चिकित्सा शिविर में हजारों रोगियों का उपचार किया।
हंडियाकोल जंगल स्थित श्रीराम वन कुटीर आश्रम, बाराबंकी में आयोजित इस चिकित्सा शिविर का समापन समारोह श्रद्धा एवं सेवा भाव के साथ सम्पन्न हुआ। समारोह को श्री राम वन कुटीर के महाराज भगवान दास जी, विष्णु जी महाराज, ट्रस्टी कैप्टन सुरेश ईनाणी, शंकर लाल सोमानी तथा शिव कुमार निगम (मैनेजर) ने संबोधित किया। महाराज भगवान दास जी ने चिकित्सकों द्वारा की जा रही इस निःस्वार्थ सेवा को सच्ची मानव सेवा बताते हुए सभी सेवाभावियों का आभार प्रकट किया।
शिविर निदेशक एवं पूर्व एमेरिटस प्रोफेसर मेडिसिन तथा उपकुलपति, साईं तिरूपति विश्वविद्यालय उमरड़ा (उदयपुर) डॉ. जे.के. छापरवाल ने बताया कि इस बार लगभग 90 सदस्यीय चिकित्सक दल ने शिविर में अपनी सेवाएं दीं। शिविर के दौरान मोतियाबिंद, हर्निया, हाइड्रोसिल, बवासीर, गर्भाशय सहित विभिन्न जटिल रोगों के लगभग 3300 ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए गए।
उन्होंने बताया कि शिविर में 40 चिकित्सक, 60 नर्सिंग स्टाफ, 10 वैद्य, 5 तकनीशियन सहित वार्ड बॉय, आया एवं समाजसेवियों ने सेवाएं प्रदान कीं। इसके अतिरिक्त कोलकाता, अहमदाबाद, भिवानी, दिल्ली, जयपुर, लखनऊ एवं हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों ने भी शिविर में भाग लिया।
चिकित्सक दल में प्रमुख रूप से सर्जन डॉ. एस.के. सामर, डॉ. एस.एस. भारद्वाज (पूर्व विधायक, भिवानी-हरियाणा), डॉ. जे.एल. कुमावत, डॉ. एल.एल. सेन, डॉ. नीलाभ अग्रवाल (लखनऊ), डॉ. बी.एस. बाबेल (जयपुर) शामिल रहे। एनेस्थीसिया सेवाएं डॉ. अर्चना अग्रवाल (लखनऊ) एवं डॉ. शरद नलवाया (गंगापुर) द्वारा दी गईं। वैद्य सेवा में लक्ष्मीकांत आचार्य, जयंत व्यास, अरुण व्यास एवं पुष्कर चौबीसा ने योगदान दिया।
नर्सिंग स्टाफ में संपत बराला, सुखलाल धाकड़, संतोषपुरी (उदयपुर), हेमंत संत, गोपाल जीनगर, सुरेश लॉवटी (कुरज), दीपचंद रेगर (रेलमगरा) शामिल रहे। वहीं वार्ड बॉय एवं सहयोगी सेवाओं में हीरालाल खटीक, चमनलाल, रतन देवी, मोतीलाल तथा समाजसेवी प्रकाश देवपुरा, दीपक पोद्दार, बुद्धिप्रकाश पारीक, भगवती प्रसाद शर्मा (किले वाले), विदेश जीनगर सहित अनेक लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
निःशुल्क चिकित्सा शिविर के सफल आयोजन के पश्चात चिकित्सक दल सेवा कार्य पूर्ण कर बाराबंकी से उदयपुर के लिए रवाना हुआ।



