उदयपुर को मिला पहला आधार सेवा केंद्र, सांसद डॉ. मन्ना लाल रावत ने किया शुभारम्भ
Udaipur gets its first Aadhaar Seva Kendra; MP Dr. Manna Lal Rawat inaugurates it.
उदयपुर में पहले आधार सेवा केंद्र का शुभारम्भ, सांसद डॉ. मन्ना लाल रावत ने किया उद्घाटन

उदयपुर, 17 जुलाई। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने शुक्रवार को उदयपुर में जिले के पहले तथा राजस्थान के दसवें निवासी-केंद्रित आधार सेवा केंद्र का शुभारम्भ किया। सांसद डॉ. मन्ना लाल रावत एवं शहर विधायक ताराचंद जैन ने रिबन काटकर और दीप प्रज्ज्वलित कर केंद्र का उद्घाटन किया।

इस अवसर पर सांसद डॉ. रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया एवं सुशासन के विजन को साकार करने में यह आधार सेवा केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे उदयपुर सहित आसपास के नागरिकों को आधार संबंधी सभी सेवाएं एक ही स्थान पर सहज, पारदर्शी और त्वरित रूप से उपलब्ध होंगी।
कार्यक्रम में यूआईडीएआई क्षेत्रीय कार्यालय, दिल्ली के निदेशक कुमार उज्ज्वल, अनुभाग अधिकारी मनीषा, आईईसी मैनेजर साहिल टूटेजा, प्रदीप कुमार तथा सेवा प्रदाता कंपनी बीएलएस इंटरनेशनल के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
सांसद और विधायक ने कराया आधार अपडेट
उद्घाटन के बाद सांसद डॉ. रावत और विधायक ताराचंद जैन ने स्वयं अपने आधार का बायोमेट्रिक अपडेट कराया। उन्होंने फिंगरप्रिंट और आइरिस सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की। साथ ही केंद्र पर पहुंचे प्रथम तीन नागरिकों—कुशाल, प्रवीण डांगी और शशिकला—को आधार कार्ड के प्रिंट भी वितरित किए।
राजस्थान का दसवां आधार सेवा केंद्र

उदयपुर में इस केंद्र के शुरू होने के साथ ही राजस्थान में यूआईडीएआई द्वारा संचालित आधार सेवा केंद्रों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। सितंबर 2026 तक राज्य में 19 नए केंद्र और खोले जाने प्रस्तावित हैं, जिसके बाद कुल संख्या 29 हो जाएगी। यह केंद्र सार्वजनिक अवकाशों को छोड़कर प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित होगा। नागरिक लंबी कतारों से बचने के लिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट भी ले सकेंगे।
एक ही छत के नीचे मिलेंगी सभी आधार सेवाएं
केंद्र में नागरिकों की सुविधा के लिए 8 ऑपरेशनल किट स्थापित की गई हैं। यहां नए आधार नामांकन, जनसांख्यिकीय एवं बायोमेट्रिक अपडेट, आधार में संशोधन, शिकायत निवारण सहित सभी सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। 5 से 17 वर्ष के बच्चों के लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट 30 सितंबर 2026 तक पूरी तरह निःशुल्क रहेगा। दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए व्हीलचेयर, स्वच्छ शौचालय एवं प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई है।




