उदयपुर में मकर संक्रांति पर पतंग उत्सव, झीलों के बीच गूंजा ‘काई पो छे’

मकर संक्रांति पर उदयपुर में जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग के तत्वावधान में फतहसागर, पिछोला, सज्जनगढ़ सहित प्रमुख स्थलों पर भव्य पतंग उत्सव आयोजित हुआ, जिसमें पर्यटकों और स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

उदयपुर में मकर संक्रांति पर पतंग उत्सव, झीलों के बीच गूंजा ‘काई पो छे’

झीलों के किनारे और सुरम्य पहाड़ियों में गूंजा ‘काई पो छे’, उदयपुर में मकर संक्रांति पर पतंग उत्सव की धूम

उदयपुर, 14 जनवरी।
मकर संक्रांति के पावन अवसर पर झीलों की नगरी उदयपुर में पारंपरिक उल्लास और लोकसंस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पहल पर बुधवार को जिला प्रशासन एवं पर्यटन विभाग के तत्वावधान में शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भव्य पतंग उत्सव आयोजित किए गए। झीलों के किनारे और सुरम्य पहाड़ियों के बीच उड़ी रंग-बिरंगी पतंगों के साथ वातावरण ‘काई पो छे’ के जयघोष से गूंज उठा।

राज्य सरकार के निर्देशानुसार मकर संक्रांति पर प्रदेशभर के संभागीय मुख्यालयों एवं प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पतंग उत्सव आयोजित किए गए। इसी क्रम में उदयपुर संभाग मुख्यालय पर भी संभाग स्तरीय पतंग उत्सव का आयोजन हुआ। जिला कलेक्टर नमित मेहता के निर्देशन में पर्यटन विभाग द्वारा विश्वविख्यात फतहसागर झील की पाल, पिछोला स्थित गणगौर घाट, मोतीमगरी एवं सज्जनगढ़ दुर्ग जैसे दर्शनीय स्थलों पर उत्सव मनाया गया। 

फतहसागर पाल बना उत्सव का मुख्य केंद्र

फतहसागर झील की पाल पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलेक्टर (प्रशासन) दीपेंद्रसिंह राठौड़, अतिरिक्त जिला कलेक्टर (शहर) जितेंद्र ओझा, बड़गांव एसडीएम लतिका पालीवाल, गिर्वा एसडीएम अवुला साईं कृष्ण तथा पर्यटन उपनिदेशक शिखा सक्सेना सहित अनेक अधिकारी उपस्थित रहे। सैकड़ों की संख्या में शहरवासी एवं देश-विदेश से आए पर्यटकों ने उत्साहपूर्वक पतंगबाजी में भाग लिया। हर आयु वर्ग के लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर आगंतुकों को तिल के लड्डू और गजक का वितरण भी किया गया। 

गणगौर घाट पर भी दिखा रंगारंग उत्साह

पिछोला झील स्थित गणगौर घाट पर नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना के निर्देशन में आयोजित पतंग उत्सव में उपायुक्त दिनेश कुमार मंडोवरा, अधिशासी अभियंता शशिबाला सिंह, स्वास्थ्य अधिकारी सत्यनारायण शर्मा, निगम पुलिस निरीक्षक मांगीलाल डांगी सहित शहर के गणमान्य नागरिकों एवं पर्यटकों ने भाग लिया और पतंग उड़ाकर पर्व की खुशियां साझा कीं। 

झामर-कोटड़ा में भी उड़ीं पतंगें

मकर संक्रांति का उत्साह केवल शहर तक सीमित नहीं रहा। राजस्थान राज्य खान एवं खनिज लिमिटेड (आरएसएमएमएल) की झामर-कोटड़ा जिंक-सीसा खदान क्षेत्र में भी पतंग उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। समूह महाप्रबंधक आर.के. शर्मा एवं महाप्रबंधक (खान) राजीव वर्मा के नेतृत्व में अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों ने सामूहिक रूप से सहभागिता निभाई।

इस अवसर पर खनि अभियंता आसिफ मोहम्मद अंसारी ने मकर संक्रांति के सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए सुरक्षित पतंगबाजी, पर्यावरण संरक्षण और पक्षी सुरक्षा के लिए इको-फ्रेंडली मांझे के उपयोग का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान तिल-गुड़, गजक एवं पारंपरिक मिठाइयों का आदान-प्रदान हुआ, जिससे सामूहिक सौहार्द और टीम भावना को मजबूती मिली।

मकर संक्रांति के इस आयोजन ने न केवल पारंपरिक लोकसंस्कृति को जीवंत किया, बल्कि पर्यटन नगरी उदयपुर की सांस्कृतिक पहचान को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।