पशु क्रूरता निवारण को लेकर जागरूकता पत्रक जारी, उदयपुर में रैली का आयोजन
उदयपुर में पशुपालन एवं पशु कल्याण माह के तहत पशु क्रूरता निवारण जागरूकता पत्रक जारी किया गया। चेतक सर्कल पर रैली निकालकर आम जनता को पशुओं के प्रति करुणा और संरक्षण का संदेश दिया गया।
पशु क्रूरता निवारण को लेकर जागरूकता पत्रक जारी, चेतक सर्कल पर रैली निकालकर दिया करुणा का संदेश
उदयपुर | 27 जनवरी
राज्य सरकार द्वारा संचालित पशुपालन एवं पशु कल्याण माह के अंतर्गत पशुओं के प्रति संवेदनशीलता और करुणा का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से मंगलवार को उदयपुर में पशु क्रूरता निवारण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह माह 14 जनवरी से 13 फरवरी तक प्रदेश भर में मनाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य पशुओं के संरक्षण, संवर्धन और कल्याण के प्रति समाज को जागरूक करना है।

इस अवसर पर राजकीय पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान द्वारा पशु क्रूरता निवारण विषय पर प्रकाशित जागरूकता पत्रक का विमोचन संस्थान के संयुक्त निदेशक डॉ. सुरेन्द्र छंगाणी द्वारा किया गया। डॉ. छंगाणी ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि पशुओं के प्रति दया, प्रेम और करुणा का भाव रखना केवल नैतिक दायित्व ही नहीं, बल्कि समाज की जिम्मेदारी भी है।
उन्होंने कहा कि “हमें अपनी सोच बदलनी होगी। हम जानवरों को नहीं पालते, बल्कि जानवर हमें पालते हैं। यदि पशुपालन को मानवता और संवेदनशीलता के साथ किया जाए, तो पशुओं का शोषण नहीं होगा, बल्कि उनका उन्नत और वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन संभव होगा।”
डॉ. छंगाणी ने पशुपालकों से राज्य सरकार की मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना से जुड़ने की भी अपील की, ताकि आकस्मिक दुर्घटना या बीमारी की स्थिति में पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा मिल सके और पशुओं का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
कार्यक्रम के तहत चेतक सर्कल क्षेत्र में पशुपालन डिप्लोमा के विद्यार्थियों द्वारा आम नागरिकों को जागरूकता पत्रक वितरित किए गए। इसके साथ ही उदयपुर शहर में एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया, जिसमें पशुओं के प्रति क्रूरता रोकने, उनके अधिकारों की रक्षा और मानवीय व्यवहार अपनाने का संदेश दिया गया।

इस दौरान डॉ. पद्मा मील ने बताया कि रैली और पत्रक वितरण के माध्यम से लोगों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि पशु भी संवेदनशील प्राणी हैं और उनके साथ क्रूरता कानूनन अपराध होने के साथ-साथ सामाजिक पतन का भी संकेत है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र, पशुपालक और आम नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि पशु कल्याण केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।




