राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत उदयपुर में राज्य स्तरीय पशुपालक प्रशिक्षण शिविर संपन्न

राष्ट्रीय पशुधन मिशन उद्यमिता कार्यक्रम के अंतर्गत उदयपुर में राज्य स्तरीय पशुपालक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें राजस्थान भर से 150 से अधिक पशुपालकों ने भाग लिया।

राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत उदयपुर में राज्य स्तरीय पशुपालक प्रशिक्षण शिविर संपन्न

राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत राज्य स्तरीय पशुपालक प्रशिक्षण शिविर संपन्न

150 से अधिक पशुपालकों ने लिया भाग, आत्मनिर्भरता पर दिया गया जोर

उदयपुर, 18 जनवरी।
राष्ट्रीय पशुधन मिशन उद्यमिता कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य स्तरीय पशुपालक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन कृषि विज्ञान केंद्र, बड़गांव में पशुपालन विभाग द्वारा किया गया। इस शिविर में जोधपुर, जयपुर, कोटा, बीकानेर, जैसलमेर, भरतपुर एवं उदयपुर संभाग से आए 150 से अधिक पशुपालकों ने भाग लेकर पशुपालन से जुड़ी आधुनिक एवं तकनीकी जानकारियां प्राप्त कीं।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने पशुपालकों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय पशुधन मिशन के माध्यम से प्राप्त ज्ञान और जानकारी को केवल अपने तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अन्य पशुपालकों तक भी पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि यह योजना पशुपालकों की आय बढ़ाने, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बन सकती है। 

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त निदेशक (क्षेत्र) डॉ. लक्ष्मी नारायण मीणा ने पशुपालकों को भेड़ पालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन एवं चारागाह विकास योजनाओं में अधिक से अधिक सहभागिता करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से न केवल स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे। साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि पशुपालन विभाग पशुपालकों की हर समस्या के समाधान के लिए सदैव तत्पर है। 

प्रशिक्षण शिविर के दौरान डॉ. सुरेश जैन, डॉ. सुरेंद्र, संयुक्त निदेशक, उप निदेशक डॉ. केदार वैष्णव, दत्तात्रेय चौधरी, राजकिशोर बंसल, राजेंद्र गोयल एवं मुकेश नागौरी द्वारा पशुपालकों को पशुपालन से जुड़ी विभिन्न तकनीकी जानकारियां दी गईं। वहीं बैंक प्रतिनिधि डॉ. गुप्ता एवं नीरज यादव ने डीपीआर एवं प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया और वित्तीय सहायता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।

शिविर में पशुपालकों ने योजनाओं को लेकर उत्साहपूर्वक भाग लिया और इसे पशुपालन को व्यवसाय के रूप में आगे बढ़ाने के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।