विश्व पर्यावरण दिवस पर डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ को मिला “ग्रीन क्रूसेडर अवार्ड” भामला फाउंडेशन की ओर से मुंबई में आयोजित विशेष समारोह महाराष्ट्र के राज्यपाल महोदय ने किया सम्मानित
Dr. Lakshyaraj Singh Mewar received the "Green Crusader Award" on World Environment Day.
विश्व पर्यावरण दिवस पर डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ को मिला “ग्रीन क्रूसेडर अवार्ड”
भामला फाउंडेशन की ओर से मुंबई में आयोजित विशेष समारोह महाराष्ट्र के राज्यपाल महोदय ने किया सम्मानित
मुंबई, 5 जून 2026

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भामला फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक विशेष समारोह में मेवाड़ के 77वें श्री एकलिंग दीवान एवं समाजसेवी डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ को पर्यावरण संरक्षण एवं जन-जागरूकता के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित “ग्रीन क्रूसेडर अवार्ड” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान महाराष्ट्र के माननीय राज्यपाल महोदय श्री जिश्नु देव वर्मा द्वारा प्रदान किया गया।
भामला फाउंडेशन, बृहन्मुंबई महानगरपालिका, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तथा संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के सहयोग से विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अंतर्गत “जलवायु कार्रवाई के लिए एक तत्काल आह्वान” विषय पर विशेष अभियान का आयोजन आयोजित किया गया। यह आयोजन फाउंडेशन के पर्यावरण संरक्षण, जन-जागरूकता एवं सामुदायिक सेवा के 30 से अधिक वर्षों के सफल एवं समर्पित सफर का भी प्रतीक था।
इस अवसर पर भामला फाउंडेशन अपने “30+ वर्ष अभियान” का अनावरण किया तथा उन वरिष्ठ संरक्षकों एवं समर्थकों का सम्मान किया जिन्होंने वर्षों से पर्यावरणीय प्रयासों को सशक्त बनाया है।
डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग तथा जन-जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उनके नेतृत्व में संचालित विभिन्न अभियानों ने हजारों लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित किया है। इसी समर्पण और सामाजिक प्रतिबद्धता के परिणामस्वरूप उनके नाम 10 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स दर्ज हैं, जिनमें कई रिकॉर्ड पर्यावरण संरक्षण से जुड़े हैं।
इन उपलब्धियों में “वृक्ष ही जीवन” अभियान के अंतर्गत हजारों पर्यावरण प्रेमियों को एक साथ जोड़कर सर्वाधिक पौधारोपण करवाना, एक घंटे में सर्वाधिक बीज बोने का रिकॉर्ड स्थापित करना तथा सौर ऊर्जा आधारित लैंपों के विशाल प्रदर्शन और जरूरतमंदों के बीच उनके वितरण जैसे अभिनव प्रयास शामिल हैं। इन पहलों ने न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया, बल्कि सतत विकास और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग के प्रति भी व्यापक जन-जागरूकता उत्पन्न की।
इस अवसर पर देशभर से पर्यावरणविद्, सामाजिक कार्यकर्ता, प्रशासनिक अधिकारी एवं विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियां उपस्थित हुई।
यह आयोजन जलवायु परिवर्तन की चुनौती के प्रति सामूहिक उत्तरदायित्व का संदेश देते हुए समाज को एक स्वच्छ, हरित और सतत भविष्य के निर्माण हेतु प्रेरित करेगा।




