राजस्थान क्षत्रिय दमामी महासभा का सत्संग एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न

Rajasthan Kshatriya Damami Mahasabha's Satsang and tree plantation program concluded successfully.

राजस्थान क्षत्रिय दमामी महासभा का सत्संग एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न

भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी के सत्संग, महाप्रसाद एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम में उमड़ा समाज, प्रतिभा सम्मान समारोह की घोषणा


उदयपुर, 26 जुलाई। राजस्थान क्षत्रिय दमामी (ढोली) महासभा एवं आर.के. डी.डी.एम. उदयपुर समाज महिला सत्संग समिति के संयुक्त तत्वावधान में 25 जुलाई को आर.के. डी.डी.एम. समाज छात्रावास, चित्रकूट नगर, उदयपुर में भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी का सत्संग, महाप्रसाद एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजन, मातृशक्ति, युवा एवं बच्चों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर धार्मिक एवं सामाजिक एकता का परिचय दिया।


कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी के पूजन एवं सत्संग के साथ हुआ। सत्संग में भगवान श्री जगन्नाथ की महिमा का गुणगान किया गया तथा समाज में आध्यात्मिक जागरूकता, संस्कार एवं आपसी भाईचारे को मजबूत बनाने का संदेश दिया गया। इसके उपरांत पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ वृक्षारोपण किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण कर आयोजन को सफल बनाया।
महासभा के महासचिव प्रसन्न दांतिया ने बताया कि यह आयोजन महासभा की निर्धारित वार्षिक कार्ययोजना के अंतर्गत आयोजित किया गया। इस अवसर पर वर्षभर में आयोजित किए जाने वाले सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों को सुव्यवस्थित एवं भव्य रूप से संपन्न कराने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम के दौरान महासभा के अध्यक्ष ने समाज के मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शीघ्र ही 'प्रतिभा सम्मान समारोह' आयोजित करने की घोषणा की। वहीं श्रीमती उर्वशी वर्मा ने महिला सशक्तिकरण, शिक्षा एवं समाज निर्माण में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर अपने विचार व्यक्त करते हुए मातृशक्ति से सामाजिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।


समारोह के अंत में महासचिव प्रसन्न दांतिया एवं कार्यकारिणी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी समाज बंधुओं, मातृशक्ति, युवाओं एवं उपस्थित अतिथियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। साथ ही समाज के सर्वांगीण विकास, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक समरसता के लिए सभी से निरंतर सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया।