गोगुन्दा में घुमंतु समुदाय के लिए मेगा विधिक सेवा शिविर, हाथों-हाथ लाभ वितरण

उदयपुर के गोगुन्दा में घुमंतु समुदाय के लिए मेगा विधिक सेवा शिविर आयोजित किया गया, जहां दिव्यांगजन व जरूरतमंद परिवारों को सरकारी योजनाओं का त्वरित लाभ प्रदान किया गया।

गोगुन्दा में घुमंतु समुदाय के लिए मेगा विधिक सेवा शिविर, हाथों-हाथ लाभ वितरण

गोगुन्दा में घुमंतु समुदाय के लिए मेगा विधिक सेवा शिविर आयोजित

घुमंतु परिवारों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए हाथों-हाथ लाभ वितरण

उदयपुर, 20 जनवरी।
राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिला प्रशासन एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के तत्वावधान में घुमंतु समुदाय के उत्थान हेतु विशेष सहायता शिविरों की श्रृंखला के अंतर्गत मंगलवार को गोगुन्दा में मेगा विधिक सेवा शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के तत्तवाधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उदयपुर के अध्यक्ष एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश ज्ञान प्रकाश गुप्ता के निर्देशन में आयोजित हुआ।

मेगा विधिक सेवा शिविर की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुलदीप शर्मा ने की। कार्यक्रम में स्थानीय विधायक प्रताप लाल गमेती, उपखण्ड अधिकारी गोगुन्दा शुभम् भैसारे, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक गिरीश भटनागर, समाज कल्याण अधिकारी प्रवीण पानेरी, पूर्व उप प्रधान पप्पू राणा, लक्ष्मण सिंह झाला, तहसीलदार सायरा सुरेश मेहता, तहसीलदार गोगुन्दा प्रवीण कुमार, विकास अधिकारी गोगुन्दा महिप सिंह सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे। 

शिविर के दौरान घुमंतु समुदाय के जरूरतमंद परिवारों एवं दिव्यांगजनों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का त्वरित लाभ प्रदान किया गया। इसमें 5 मोटराइज्ड साइकिल, 15 ट्राइसाइकिल, 10 व्हीलचेयर, 2 श्रवण यंत्र, 1 स्मार्ट छड़ी, 7 बैसाखियां वितरित की गईं। इसके साथ ही 10 घुमंतु परिवारों को घुमंतु आवास योजना के अंतर्गत आवास स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए।

शिविर में मानवीय संवेदनाओं का भी विशेष रूप से ध्यान रखा गया। एक महिला ने उपस्थित होकर बताया कि कुछ दिन पूर्व उसकी बेटी की हत्या हो गई है और उसके 9 बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी अब उस पर आ गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए समाज कल्याण अधिकारी प्रवीण पानेरी को तत्काल निर्देश दिए गए कि बच्चों को पालनहार योजना सहित अन्य सभी पात्र सरकारी सहायता योजनाओं से जोड़ा जाए, ताकि उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाया जा सके।

वहीं एक अन्य महिला अपने पूर्णतः विक्षिप्त पुत्र को लेकर शिविर में पहुंची, जो चलने-फिरने में असमर्थ था। बालक का यूडीआईडी कार्ड पहले से बना हुआ था। समाज कल्याण विभाग द्वारा मौके पर ही उसकी पेंशन प्रारंभ करवाई गई तथा भविष्य में दिव्यांगजनों हेतु संचालित योजनाओं का नियमित लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए।

मेगा विधिक सेवा शिविर के माध्यम से घुमंतु समुदाय के सामाजिक, आर्थिक एवं विधिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई, जिससे जरूरतमंद परिवारों को त्वरित राहत एवं सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ प्राप्त हुआ।