डॉ. नरेंद्र सिंह राठौड़ ICAR प्रबंधन मंडल में नामित | कृषि शिक्षा और अनुसंधान को नई दिशा
विख्यात कृषि वैज्ञानिक और MPUAT के पूर्व कुलपति डॉ. नरेंद्र सिंह राठौड़ को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ICAR के प्रबंधन मंडल का सदस्य नामित किया। कृषि शिक्षा और अनुसंधान में नए अवसर और उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की उम्मीद।
**डॉ. नरेंद्र सिंह राठौड़ भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के प्रबंधन मंडल में नामित
कृषि शिक्षा और अनुसंधान में उत्कृष्टता को नई दिशा मिलने की उम्मीद**
उदयपुर, 29 नवंबर। भारतीय कृषि एवं अनुसंधान परिषद (ICAR) के पूर्व उप महानिदेशक और महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर के पूर्व कुलपति, विख्यात कृषि वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र सिंह राठौड़ को केंद्र सरकार द्वारा बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) नई दिल्ली एवं हजारीबाग-असम के प्रबंधन मंडल का सदस्य नामित किया है।
डॉ. राठौड़ देश के प्रतिष्ठित कृषि वैज्ञानिकों में से एक हैं। वे श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर के संस्थापक कुलगुरु के रूप में उत्कृष्ट योगदान दे चुके हैं। साथ ही वे राजस्थान राज्य कृषक ऋण राहत योजना आयोग के सदस्य भी रहे हैं। एमपीयूएटी, उदयपुर में कुलगुरु रहते हुए उन्होंने कृषि शिक्षा और अनुसंधान के उन्नयन के लिए कई महत्वपूर्ण पहलें की थीं, जिसके लिए उन्हें राज्य के सर्वश्रेष्ठ कुलगुरु के सम्मान से भी नवाज़ा गया था।
कृषि समुदाय में खुशी की लहर
डॉ. राठौड़ के इस मनोनयन का देश और प्रदेश के कृषि वैज्ञानिक समुदाय ने हर्षपूर्वक स्वागत किया है। उनके नेतृत्व और अनुभव को कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रसार के क्षेत्र में नई दिशा की उम्मीद के रूप में देखा जा रहा है।
डॉ. राठौड़ का आभार और संकल्प
अपने मनोनयन पर डॉ. राठौड़ ने आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट और भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) के निदेशक डॉ. सी. एच. श्रीनिवासा राव का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा—
"मेरा प्रयास रहेगा कि कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रसार के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार के नए अवसर विकसित किए जाएं। लक्ष्य है कि राजस्थान सहित देश के किसानों तक उन्नत तकनीक और नवाचार की पहुंच को और सशक्त किया जा सके।"
डॉ. राठौड़ ने यह भी कहा कि कृषि शिक्षा और अनुसंधान में उत्कृष्टता को बढ़ावा देना ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।



