15 जनवरी तक विधानसभा के सभी लंबित प्रश्नों के जवाब अनिवार्य: अध्यक्ष वासुदेव देवनानी
राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने लंबित प्रश्नों पर सख्ती दिखाते हुए 15 जनवरी तक सभी प्रश्नों, ध्यानाकर्षण और विशेष उल्लेख प्रस्तावों के उत्तर भेजने के निर्देश दिए।
15 जनवरी तक विधानसभा के सभी लंबित प्रश्नों के उत्तर अनिवार्य भेजें: अध्यक्ष वासुदेव देवनानी
लंबित प्रश्नों पर विधानसभा में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक, जीरो पेंडेंसी का लक्ष्य तय
जयपुर/उदयपुर, 2 जनवरी।
राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने विधानसभा में लंबित प्रश्नों, ध्यानाकर्षण प्रस्तावों, विशेष उल्लेख प्रस्तावों, आश्वासनों एवं याचिकाओं को लेकर राज्य सरकार के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में मुख्य सचिव सहित अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव और वरिष्ठ सचिव उपस्थित रहे।

विधानसभा अध्यक्ष श्री देवनानी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 15 जनवरी तक विधानसभा के सभी लंबित प्रश्नों, ध्यानाकर्षण एवं विशेष उल्लेख प्रस्तावों के उत्तर अनिवार्य रूप से भेजे जाएं। उन्होंने कहा कि विधानसभा प्रदेश की आठ करोड़ जनता की समस्याओं के समाधान का सशक्त मंच है और जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए प्रश्नों का समयबद्ध एवं तथ्यपरक उत्तर देना सरकार और प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है।
2031 प्रश्न अब भी लंबित, 35 प्रतिशत उत्तर शेष
श्री देवनानी ने बताया कि 16वीं विधानसभा के चौथे सत्र की समाप्ति के बाद भी लगभग 35 प्रतिशत प्रश्नों के उत्तर लंबित हैं, जिनकी संख्या करीब 2031 है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि विधानसभा द्वारा प्रश्नों के उत्तर देने की समय-सीमा स्पष्ट रूप से निर्धारित है, इसके बावजूद कुछ विभागों द्वारा समय पर जवाब नहीं भेजे जाना गंभीर विषय है।
उन्होंने कहा कि उत्तर भेजने की प्रक्रिया में सुधार जरूर हुआ है, लेकिन अभी और तेजी लाने की आवश्यकता है। भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गलत जवाबों पर भी सख्ती, आश्वासनों की जिम्मेदारी सचिवों की
विधानसभा अध्यक्ष ने प्रश्नों के गलत उत्तर देने के मामलों को भी गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसी पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन में मंत्रियों द्वारा दिए गए आश्वासनों को क्रियान्वित करने की जिम्मेदारी संबंधित विभागीय सचिवों की है और इसमें किसी प्रकार की कोताही स्वीकार्य नहीं होगी।
प्रश्नकाल के दौरान अधिकारी दीर्घा में उपस्थित रहें
श्री देवनानी ने निर्देश दिए कि प्रश्नकाल और चर्चा के दौरान संबंधित अधिकारी विधानसभा की अधिकारी दीर्घा में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें, ताकि सदन की कार्यवाही के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
कैम्प लगाकर युद्धस्तर पर निस्तारण के निर्देश
विधानसभा अध्यक्ष ने सभी विभागों को विशेष शिविर लगाकर लंबित प्रश्नों के निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी मामले में व्यावहारिक कठिनाई हो तो उसे स्पष्ट रूप से सामने रखा जाए और समाधान के उपाय भी सुझाए जाएं, ताकि समय पर निराकरण संभव हो सके।

भविष्य में ऐसी बैठक बुलाने की नौबत न आए
श्री देवनानी ने अधिकारियों से कहा कि वे अपने मंत्रियों और अधीनस्थ अधिकारियों के साथ समन्वय रखते हुए विधानसभा से जुड़े मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करें, ताकि भविष्य में लंबित प्रश्नों को लेकर इस प्रकार की बैठक बुलाने की आवश्यकता ही न पड़े। उन्होंने ‘जीरो पेंडेंसी’ के लक्ष्य के साथ राजस्थान विधानसभा को देश की आदर्श विधानसभा बनाने की बात कही।
मुख्य सचिव ने दिया आश्वासन
बैठक में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने विधानसभा अध्यक्ष को आश्वासन दिया कि उनके निर्देशानुसार सभी विभाग विशेष शिविर लगाकर लंबित प्रश्नों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करेंगे और भविष्य में विधानसभा के निर्देशों का पूरी गंभीरता से पालन किया जाएगा।
बैठक में 15वीं एवं 16वीं राजस्थान विधानसभा के लंबित प्रकरणों की विभागवार स्थिति का प्रस्तुतीकरण भी दिया गया। इस अवसर पर राजस्थान विधानसभा के प्रमुख सचिव श्री भारत भूषण शर्मा सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



