72वां अंतर्राष्ट्रीय सहकार सप्ताह: उदयपुर डेयरी में सहकार से आत्मनिर्भर भारत पर संवाद
उदयपुर दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ में 72वें अंतर्राष्ट्रीय सहकार सप्ताह पर संवाद एवं अभिनंदन समारोह आयोजित हुआ। विशेषज्ञों ने कहा कि सहकार से ही आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो सकता है। कार्यक्रम में 250 से अधिक सदस्यों ने भाग लिया।
72वां अंतर्राष्ट्रीय सहकार सप्ताह: संवाद एवं अभिनंदन समारोह में उभरी सहकार से आत्मनिर्भर भारत की राह
उदयपुर, 18 नवम्बर।
उदयपुर दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड द्वारा 72वें अंतर्राष्ट्रीय सहकार सप्ताह के अंतर्गत मंगलवार को संवाद एवं अभिनंदन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सहकारिता के विस्तार, उपयोगिता एवं राष्ट्रीय विकास में इसकी भूमिका पर व्यापक चर्चा हुई।
समारोह में समाजसेवी प्रमोद सामर मुख्य अतिथि रहे, जबकि उदयपुर डेयरी अध्यक्ष डालचन्द डांगी, संयोजक गिरिराज शर्मा एवं श्रीमती वीना विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रबंध निदेशक डॉ. विमलेश राठौड़ के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने बताया कि इस वर्ष सहकार सप्ताह का थीम “Cooperative as a Vehicle for Aatmanirbhar Bharat” रखा गया है, जिसका उद्देश्य सहकारिता को राष्ट्र की आर्थिक व सामाजिक स्वावलंबन की धुरी बनाना है।

डॉ. राठौड़ ने कहा कि सहकार सप्ताह सहकारिता से जुड़ी सूचनाओं, कार्यक्रमों और पहलों को आमजन तक पहुँचाने तथा समाज को सहकार आंदोलन से जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर है। इसी कड़ी में पूरे सप्ताह विभिन्न दिवसों और कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
मुख्य अतिथि प्रमोद सामर ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य तभी साकार होगा जब समाज का व्यापक वर्ग सहकार आंदोलन से जुड़ेगा और इसके सिद्धांतों व नीतियों को व्यवहार में उतारेगा। उन्होंने कहा कि विश्व स्तर पर सामाजिक-आर्थिक विकास में सहकारिता की बढ़ती भूमिका यह संकेत देती है कि ग्रामीण और शहरी दोनों स्तरों पर सहकारी संस्थाओं की मजबूत नींव देश की ताकत बन सकती है।
कार्यक्रम में दूध उत्पादक, बूथ एजेंट, बीएमसी धारकों सहित लगभग 250 सदस्यों ने भागीदारी दर्ज कराई। इस अवसर पर उत्कृष्ट सेवाओं के लिए संघ से जुड़े कई सदस्यों को सम्मानित किया गया।
समारोह ने संदेश दिया कि सहकारिता केवल एक संगठनात्मक ढांचा नहीं, बल्कि सामूहिक विकास, पारदर्शिता और आर्थिक आत्मनिर्भरता की जीवनदृष्टि है, जो देश को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान कर सकती है।



