रेंजर प्रताप सिंह चुण्डावत की मौत पर गरमाया मामला, क्षत्रिय महासभा ने खोला मोर्चा

Ranger Pratap Singh Chundawat's death sparks controversy; Kshatriya Mahasabha launches a protest.

रेंजर प्रताप सिंह चुण्डावत की मौत पर गरमाया मामला, क्षत्रिय महासभा ने खोला मोर्चा

रेंजर प्रताप सिंह चुण्डावत की मौत का मामला गरमाया

क्षत्रिय महासभा ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर तत्काल गिरफ्तारी व निष्पक्ष जांच की मांग की

चित्तौड़गढ़। प्रतापगढ़ जिले के छोटीसादड़ी क्षेत्रीय वन अधिकारी प्रताप सिंह चुण्डावत की मौत के मामले में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ट्रस्ट ने मोर्चा खोलते हुए जिला कलेक्ट्री में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। महासभा ने मामले में नामजद एवं अन्य संलिप्त आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।

महासभा के ज्ञापन के अनुसार, 21 सितंबर 2026 को छोटीसादड़ी क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन की सूचना पर वन विभाग की टीम कार्रवाई के लिए पहुंची थी। ज्ञापन में एफआईआर में दर्ज तथ्यों का हवाला देते हुए आरोप लगाया गया कि मौके पर विवाद के दौरान वन अधिकारी प्रताप सिंह चुण्डावत के साथ मारपीट हुई और डंपर से कुचलने की घटना में उनकी मृत्यु हो गई।

महासभा ने छोटीसादड़ी थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 0254/2026 का उल्लेख करते हुए घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की। साथ ही मृतक के परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता, सरकारी राहत एवं सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा सरकारी ड्यूटी पर तैनात वनकर्मियों की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग भी रखी।

ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष प्रह्लाद सिंह सिकरवार, महामंत्री महीपाल सिंह, जिला प्रभारी पवन सिंह, संरक्षक हरि ओम सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष लाल सिंह एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह सहित महासभा के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।

न्याय के लिए हर लोकतांत्रिक एवं कानूनी प्रयास करेंगे : राव दिलीप सिंह परिहार

महासभा के प्रदेश प्रवक्ता राव दिलीप सिंह परिहार ने कहा कि स्वर्गीय प्रताप सिंह चुण्डावत के परिवार को न्याय दिलाने के लिए संगठन हर संभव लोकतांत्रिक एवं कानूनी प्रयास करेगा। उन्होंने निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषी पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार को आवश्यक सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।