बाल दिवस सप्ताह: उदयपुर में मैत्री क्रिकेट मैच व विधिक जागरूकता शिविर आयोजित

उदयपुर में बाल दिवस सप्ताह पर बाल अधिकारिता विभाग द्वारा मैत्री क्रिकेट मैच, विधिक जागरूकता शिविर, बाल विवाह रोकथाम शपथ कार्यक्रम और बालश्रम-भिक्षावृत्ति विरोधी रेस्क्यू अभियान आयोजित किए गए। बच्चों में अधिकार जागरूकता और आत्मविश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से जिलेभर में 14 से 20 नवंबर तक विशेष कार्यक्रम जारी रहेंगे।

बाल दिवस सप्ताह: उदयपुर में मैत्री क्रिकेट मैच व विधिक जागरूकता शिविर आयोजित

उदयपुर में बाल दिवस सप्ताह पर मैत्री क्रिकेट मैच व विधिक जागरूकता शिविर आयोजित

उदयपुर, 16 नवम्बर। बाल दिवस सप्ताह के तहत बाल अधिकारिता विभाग ने रविवार को कई प्रेरणादायक गतिविधियों का आयोजन किया, जिसमें मैत्री क्रिकेट मैच से लेकर विधिक जागरूकता शिविर तक शामिल रहे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाना, उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता लाना तथा बाल संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर समाज को संवेदनशील बनाना रहा।

रॉकवुड स्कूल, उदयपुर के परिसर में निराश्रित बालकों और स्कूल के विद्यार्थियों के बीच मैत्री क्रिकेट मैच का आयोजन किया गया। मैच में बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया और खेल के माध्यम से आपसी सहयोग, टीम भावना और अनुशासन का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के अंत में रॉकवुड स्कूल के निदेशक दीपक शर्मा ने विजेता एवं प्रतिभागी बच्चों को मेडल और पुरस्कार देकर उनका मनोबल बढ़ाया। सम्मान पाकर बच्चे अत्यंत प्रफुल्लित दिखाई दिए।

इसी क्रम में बाल अधिकारिता विभाग ने चाइल्डलाइन टीम को जिले के विभिन्न स्कूलों व संस्थाओं में भेजकर बाल विवाह रोकथाम एवं बाल अधिकारों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करवाई। विद्यार्थियों और स्टाफ को बाल विवाह नहीं करने व न होने देने की शपथ भी दिलवाई गई। जागरूकता सत्रों में बाल सुरक्षा, सहायता हेल्पलाइन 1098 व शिक्षण-अधिकार से जुड़े विषयों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। 

इसके साथ ही राजकीय संप्रेषण गृह तथा राजकीय बालिका गृह, उदयपुर में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए, जहां विशेषज्ञों ने बाल संरक्षण कानून, जेजे एक्ट, पोक्सो और अन्य कानूनी положों के बारे में बच्चों व स्टाफ को जानकारी दी।

बाल अधिकारिता विभाग ने बताया कि 14 से 20 नवंबर के दौरान जिलेभर में बाल हित के मुद्दों पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान भिक्षावृत्ति एवं बालश्रम विरोधी रेस्क्यू अभियान भी चलाया जाएगा, ताकि ज़रूरतमंद बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।