डॉ. लक्ष्यराज सिंह और हरितराज सिंह मेवाड़ ने महालक्ष्मी मंदिर में की विशेष पूजा-अर्चना, मेवाड़ में सुख-समृद्धि की कामना

उदयपुर में डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ और उनके पुत्र हरितराज सिंह मेवाड़ ने भट्टियानी चौहट्टा स्थित महालक्ष्मी मंदिर में दीपावली के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना कर मेवाड़ की सुख-समृद्धि की कामना की।

डॉ. लक्ष्यराज सिंह और हरितराज सिंह मेवाड़ ने महालक्ष्मी मंदिर में की विशेष पूजा-अर्चना, मेवाड़ में सुख-समृद्धि की कामना

महालक्ष्मी मंदिर में डॉ. लक्ष्यराज सिंह और हरितराज सिंह मेवाड़ ने की विशेष पूजा-अर्चना, मेवाड़ की सुख-समृद्धि की कामना

उदयपुर, 22 अक्टूबर 2025: मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार के सदस्यों ने परंपरा का पालन करते हुए महालक्ष्मी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना कर मेवाड़ की सुख-समृद्धि की कामना की। मंगलवार को शहर के भट्टियानी चौहट्टा स्थित 460 वर्ष पुराना प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर शाही वैभव के साथ सजाया गया और डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ एवं उनके सुपुत्र हरितराज सिंह मेवाड़ मंदिर पहुंचे।

इस अवसर पर डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ सिटी पैलेस से पारंपरिक शाही लवाजमे के साथ मंदिर पहुँचे, जहां शहरवासियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मंदिर परिसर में पहुंचते ही उन्होंने मेवाड़ी परंपरा के अनुसार विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की। डॉ. लक्ष्यराज सिंह और हरितराज सिंह ने मां महालक्ष्मी से मेवाड़ में सुख, समृद्धि और समाज की उन्नति की कामना की।

महालक्ष्मी मंदिर की यह विशेष पूजा-अर्चना दीपावली के अवसर पर हर साल पूर्व राजपरिवार की ओर से आयोजित की जाती है। महाराणा जगतसिंह के शासनकाल में इस मंदिर का निर्माण हुआ था और यह मेवाड़ी संस्कृति तथा धार्मिक परंपरा का प्रतीक माना जाता है। डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने इस प्राचीन परंपरा को अपने पुत्र के साथ आगे बढ़ाते हुए इसे सजीव बनाए रखा।

स्थानीय नागरिकों ने इस अवसर पर मंदिर में पहुंचकर पूजा का हिस्सा लिया और इस ऐतिहासिक परंपरा को देखने का अवसर पाया। इस आयोजन ने न केवल धार्मिक श्रद्धा को बढ़ाया बल्कि मेवाड़ की सांस्कृतिक विरासत को भी जीवित रखा।

मुख्य आकर्षण:

  • डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ और हरितराज सिंह मेवाड़ का शाही लवाजमे में मंदिर आगमन

  • मेवाड़ी परंपरा के अनुसार विधिपूर्वक पूजा

  • मेवाड़ की समृद्धि और खुशहाली की कामना

  • 460 वर्ष पुराना महालक्ष्मी मंदिर और इसकी ऐतिहासिक महत्ता

  • दीपावली पर परंपरागत विशेष पूजा

इस कार्यक्रम ने मेवाड़ में धार्मिक और सांस्कृतिक जागरूकता को प्रोत्साहित किया और परंपराओं को संरक्षित रखने का संदेश दिया।