उदयपुर में जल शक्ति अभियान की समीक्षा: केंद्रीय नोडल अधिकारी का निरीक्षण
जल शक्ति अभियान–कैच द रैन की समीक्षा के लिए केंद्रीय नोडल अधिकारी उदयपुर पहुंचे। जिला परिषद में बैठक ली और ऋषभदेव क्षेत्र में जल संरक्षण कार्यों का निरीक्षण किया।
उदयपुर में जल शक्ति अभियान की समीक्षा: केंद्रीय नोडल अधिकारी ने बैठक ली, फील्ड कार्यों का किया निरीक्षण
उदयपुर, 1 दिसम्बर। वर्षा जल संचय को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाए जा रहे केंद्र सरकार के प्रमुख कार्यक्रम ‘जल शक्ति अभियान – कैच द रैन’ की प्रगति का आकलन करने के लिए अभियान के केंद्रीय नोडल अधिकारी राघवेंद्र सिंह सोमवार को उदयपुर पहुंचे। जिले में आयोजित समीक्षा बैठक और फील्ड निरीक्षण के दौरान उन्होंने जल संरक्षण से जुड़े कार्यों की विस्तार से जानकारी ली।
जिला परिषद सभागार में समीक्षा बैठक

सुबह जिला परिषद सभागार में आयोजित बैठक में केंद्रीय नोडल अधिकारी राघवेंद्र सिंह के साथ तकनीकी अधिकारी राम टीके नितिन भी मौजूद रहे। बैठक की अध्यक्षता जिला परिषद सीईओ रिया डाबी ने की।
इस दौरान अधिकारियों ने उदयपुर जिले में जल संरक्षण से जुड़े विभिन्न अभियानों—
-
जल शक्ति अभियान,
-
मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान,
-
जल संचय जन भागीदारी अभियान
—की ब्लॉक-वार प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की।
जलग्रहण विभाग के अधीक्षण अभियंता अतुल जैन ने पीपीटी के माध्यम से जिले में चल रहे संरचनात्मक और सहभागिता आधारित कार्यों का विस्तृत विवरण दिया। केंद्रीय अधिकारियों ने उदयपुर जिले द्वारा जल संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि हाल ही में जिले को जल संचय जन भागीदारी 1.0 के अंतर्गत राष्ट्रीय सम्मान मिलना पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है।
जनभागीदारी पर विशेष जोर
उप वन संरक्षक मुकेश सैनी और भूजल वैज्ञानिक मोनिका राठौड़ ने क्रमशः जल स्वावलंबन और 'कर्मभूमि से मातृभूमि' अभियान के तहत हुए कार्यों की प्रस्तुति दी। मोनिका राठौड़ की पीपीटी में जनभागीदारी, जल स्रोत पुनर्जीवन और वृक्षारोपण को प्रमुखता से दर्शाया गया।
केंद्रीय नोडल अधिकारी राघवेंद्र सिंह ने कहा कि “जल संरक्षण को सफल बनाने के लिए जन-जागरूकता और सामूहिक सहभागिता अनिवार्य है। अधिकारियों को चाहिए कि वे अभियान को जन आंदोलन का रूप दें और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ें।”
ऋषभदेव में फील्ड निरीक्षण

दोपहर बाद राघवेंद्र सिंह ने जिला अधिकारियों के साथ ऋषभदेव क्षेत्र का दौरा किया, जहां उन्होंने जल संचय, संरचनात्मक सुधार और जल संरक्षण परियोजनाओं की मौजूदा स्थिति का现场 निरीक्षण किया। उन्होंने स्थल पर चल रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उदयपुर का मॉडल अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणादायक है।

बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



