संविधान दिवस पर उदयपुर में जागरूकता कार्यक्रम, छात्रों ने ली सक्रिय भागीदारी
उदयपुर में संविधान दिवस के अवसर पर विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में विभिन्न स्कूलों और लॉ कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुए। संविधान वाचन, बाल संसद, रैलियां और प्रतियोगिताओं में छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
संविधान दिवस पर जिलेभर में जागरूकता कार्यक्रम, छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
उदयपुर, 26 नवंबर।
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के तत्वावधान तथा विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश गुप्ता के निर्देशन में बुधवार को संविधान दिवस के अवसर पर उदयपुर जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें मिरेन्डा स्कूल सेक्टर 5, भूपाल नोबल लॉ कॉलेज तथा वेंकटेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी प्रमुख रहे।

कार्यक्रमों के दौरान प्राधिकरण सचिव कुलदीप शर्मा ने विद्यार्थियों को भारतीय संविधान, उसकी मूल भावना और नागरिकों के अधिकार-कर्तव्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से संविधान की उद्देशिका का सामूहिक वाचन कराया तथा “बाल संसद” का प्रभावी मंचन भी प्रस्तुत करवाया, जिससे छात्रों में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के प्रति समझ और भागीदारी की भावना मजबूत हो सके।
जिलेभर के लीगल लिट्रेसी क्लब से जुड़े विद्यालयों एवं लॉ कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी दर्ज कराई। विभिन्न स्कूलों द्वारा संविधान विषयक प्रतियोगिताएँ, रैलियाँ और जन-जागरूकता गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं।
बी.एन. लॉ कॉलेज में हुए मुख्य कार्यक्रम में वाणिज्यिक न्यायालय उदयपुर के न्यायाधीश महेन्द्र कुमार दवे ने भारतीय संविधान के विकास, इसकी विशेषताओं और आधुनिक लोकतांत्रिक व्यवस्था में इसकी प्रासंगिकता पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने छात्रों को संवैधानिक मूल्यों को अपने आचरण में अपनाने का संदेश दिया।

संविधान दिवस पर आयोजित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं में विधिक साक्षरता बढ़ाना, लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता पैदा करना और एक जिम्मेदार नागरिक समाज के निर्माण की दिशा में सहभागिता बढ़ाना रहा।



