उदयपुर: स्कूलों में प्रजनन स्वास्थ्य व एचआईवी रोकथाम पर जागरूकता कार्यक्रम
उदयपुर जिले के राजकीय विद्यालयों में आयुष्मान भारत योजना के तहत स्कूल हेल्थ एंड वैलनेस प्रोग्राम के अंतर्गत विद्यार्थियों को प्रजनन स्वास्थ्य एवं एचआईवी की रोकथाम को लेकर जागरूक किया गया।
उदयपुर में विद्यार्थियों को मिला प्रजनन स्वास्थ्य व एचआईवी रोकथाम का संदेश
उदयपुर, 23 दिसंबर। जिले के राजकीय विद्यालयों में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत संचालित स्कूल हेल्थ एंड वैलनेस प्रोग्राम के तहत मंगलवार को विद्यार्थियों को प्रजनन स्वास्थ्य एवं एचआईवी की रोकथाम को लेकर जागरूक किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत जिलेभर के विद्यालयों में विविध शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिससे छात्र-छात्राओं को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां सरल व प्रभावी तरीके से दी जा सकें।
डाइट उदयपुर की प्रिंसिपल शीला काहाल्या ने बताया कि आरएससीईआरटी उदयपुर के निर्देशन में डाइट उदयपुर परिक्षेत्र के सभी राजकीय उच्च माध्यमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में यह कार्यक्रम साप्ताहिक कैलेंडर के अनुसार नियमित रूप से संचालित किया जा रहा है। मंगलवार को आयोजित सत्रों में प्रजनन स्वास्थ्य, सुरक्षित व्यवहार तथा एचआईवी संक्रमण से बचाव जैसे विषयों पर विशेष रूप से चर्चा की गई।

कार्यक्रम के जिला उप-समन्वयक त्रिभुवन चौबीसा ने जानकारी दी कि रा.बा.उ.मा. विद्यालय बडगांव में हेल्थ एम्बेसडर प्रभा शर्मा, गिर्वा ब्लॉक के नलाफला में हेमलता पण्डया, वानु कुराबड़ में दीपिका डांगी तथा रा.उ.मा.वि. दांतीसर कुराबड़ में ज्योति सोलंकी द्वारा प्रार्थना सभा के दौरान मॉड्यूल आधारित जानकारी दी गई। इस अवसर पर केस स्टडी के माध्यम से विद्यार्थियों के साथ संवाद स्थापित करते हुए विषय को व्यवहारिक रूप से समझाया गया।

इसके अलावा झल्लारा, गिर्वा, ऋषभदेव, नयागांव, कुराबड़, वल्लभनगर, भीण्डर, मावली, खेरवाड़ा, कोटड़ा एवं सायरा सहित जिले के अनेक ब्लॉकों के राजकीय विद्यालयों में भी सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में विद्यार्थियों को स्वास्थ्य, स्वच्छता और जागरूकता से जुड़े अहम पहलुओं से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत कई विद्यालयों में लघु नाटिकाएं, संवाद सत्र, स्मार्ट बोर्ड एवं टीवी के माध्यम से ऑडियो-विजुअल प्रस्तुतियां दिखाई गईं। साथ ही शक्ति दिवस के अवसर पर छात्राओं को आयरन फोलिक एसिड की गोलियों का वितरण भी किया गया।
शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के इस संयुक्त प्रयास का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर से ही स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, गलत धारणाओं से दूर रहने और गंभीर बीमारियों से बचाव के प्रति सजग बनाना है।




