ईएमआरएस छात्रों की सिकल सेल जांच 100% अनिवार्य, सांसद डॉ. रावत के प्रश्न पर केंद्र का जवाब
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों (ईएमआरएस) में पढ़ रहे छात्रों की सिकल सेल रोग के लिए 100 प्रतिशत जांच के निर्देश। सांसद डॉ. मन्नालाल रावत के संसद प्रश्न पर जनजातीय कार्य मंत्रालय का जवाब, राजस्थान व उदयपुर में महिला शिक्षकों की भर्ती का विवरण।
ईएमआरएस छात्रों की सिकल सेल जांच 100% अनिवार्य, सांसद डॉ. मन्नालाल रावत के प्रश्न पर केंद्र सरकार का जवाब
उदयपुर।
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों (ईएमआरएस) में अध्ययनरत विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति (एनईएसटीएस) ने देशभर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ईएमआरएस सोसायटियों को छात्रों की सिकल सेल रोग के लिए 100 प्रतिशत जांच कराने के निर्देश जारी किए हैं। यह जांच जिला प्रशासन और जिला कलेक्टरों के समन्वय से तथा जिला स्तर पर उपलब्ध सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के माध्यम से की जाएगी।
यह जानकारी उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत द्वारा संसद में पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने दी।
सांसद डॉ. रावत ने संसद में उठाए अहम सवाल
सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने संसद में ईएमआरएस से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी मांगी थी। इनमें विद्यालयों में नियुक्त शिक्षकों की कुल संख्या, महिला शिक्षकों की संख्या, सेवा शर्तों का निर्धारण करने वाला प्राधिकरण, शिक्षा बोर्ड, पाठ्यक्रम व सह-पाठ्यक्रम गतिविधियां, योग शिक्षा की व्यवस्था तथा सिकल सेल एनीमिया जैसी बीमारियों की जांच प्रणाली शामिल रही।
जिला स्वास्थ्य तंत्र के सहयोग से होगी जांच
राज्यमंत्री दुर्गादास उइके ने बताया कि एनईएसटीएस द्वारा जारी निर्देशों के तहत ईएमआरएस छात्रों की सिकल सेल जांच राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन और जिला स्वास्थ्य तंत्र के सहयोग से कराई जाएगी। इसका उद्देश्य बीमारी की शीघ्र पहचान और आवश्यकता होने पर समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि आदिवासी क्षेत्रों के छात्रों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सके।
ईएसएसई-2023 के तहत हजारों शिक्षकों की भर्ती
जवाब में यह भी बताया गया कि ईएसएसई-2023 भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से कुल 7083 शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है, जिनमें से 2765 महिला शिक्षण कर्मचारी शामिल हैं।
राजस्थान के अलवर, बांसवाड़ा, बारां, डूंगरपुर, जयपुर, करौली, प्रतापगढ़, सवाई माधोपुर, सिरोही, टोंक और उदयपुर जिलों में कुल 367 महिला कर्मचारियों की भर्ती हुई है। इनमें से केवल उदयपुर जिले में 95 महिला कर्मचारियों की नियुक्ति की गई।
एनईएसटीएस तय करता है सेवा शर्तें
शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की सेवा शर्तें राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति (एनईएसटीएस) के शासी निकाय द्वारा निर्धारित की जाती हैं। वर्तमान में देशभर में संचालित 499 ईएमआरएस में से 458 विद्यालय केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध हैं, जबकि बिहार, नागालैंड, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के कुछ विद्यालय संबंधित राज्य शिक्षा बोर्डों से जुड़े हुए हैं।




