राजस्थान बजट 2026: संविदा-निविदा-आउटसोर्स कर्मियों की मांगें, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

राजस्थान बजट 2026 में संविदा, निविदा एवं आउटसोर्स कर्मियों की मांगें शामिल करने को लेकर उदयपुर में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। कर्मियों ने समान वेतन, सेवा सुरक्षा और सरकारी संस्था गठन की मांग की।

राजस्थान बजट 2026: संविदा-निविदा-आउटसोर्स कर्मियों की मांगें, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

राजस्थान बजट 2026 में संविदा-निविदा-आउटसोर्स कर्मियों की मांगें शामिल करने की मांग, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

उदयपुर | 2 फरवरी 2026

राजस्थान बजट 2026 में संविदा, निविदा एवं आउटसोर्स कर्मियों से जुड़ी लंबित मांगों को शामिल कराने को लेकर प्रदेशभर के कर्मियों ने सोमवार को राजस्थान सरकार के नाम एक विस्तृत मांग-पत्र सौंपा। यह ज्ञापन जिला कलेक्टर एवं विकास अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार को प्रेषित किया गया। 

ज्ञापन में बताया गया कि राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था, विकास कार्यों और जनसेवाओं के संचालन में संविदा, निविदा और आउटसोर्स कर्मियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके बावजूद पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा की गई कई बजट घोषणाएं आज तक धरातल पर पूरी नहीं हो पाई हैं, जिससे लाखों कर्मियों को आर्थिक, सामाजिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

कर्मियों ने मांग की कि बजट घोषणा 2025 के बिंदु 97(5) का पूर्ण क्रियान्वयन किया जाए तथा आउटसोर्स कर्मियों के हितों की रक्षा के लिए एक स्वतंत्र सरकारी संस्था का गठन किया जाए। इसके साथ ही समान कार्य के लिए समान वेतन, वेतन का समय पर एवं सीधे बैंक खाते में भुगतान, पूर्ण माह का वेतन तथा अवकाश के नाम पर किसी भी प्रकार की कटौती न करने की मांग प्रमुख रूप से रखी गई।

मांग-पत्र में पीएफ (PF) और ईएसआई (ESI) की व्यवस्था को नियमित, पारदर्शी एवं सख्ती से लागू करने, सेवा सुरक्षा, पदोन्नति की स्पष्ट व्यवस्था, अनुभव के आधार पर बोनस अंक, सामाजिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ देने की भी मांग की गई। साथ ही महिला कर्मचारियों के लिए सवैतनिक मातृत्व अवकाश तथा सेवा के दौरान मृत्यु होने पर अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान बजट में शामिल करने की मांग भी उठाई गई।

ज्ञापन सौंपते हुए महासंघ के प्रतिनिधि मोनू चौधरी (युवा हुंकार), संविदा-निविदा-आउटसोर्स कर्मी महासंघ ने कहा कि वर्तमान सरकार से कर्मियों को पूरी उम्मीद है कि वह बिचौलिया प्रथा को समाप्त कर संविदा, निविदा एवं आउटसोर्स कर्मियों को सम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व प्रदान करेगी।

कर्मियों ने चेतावनी दी कि यदि आगामी बजट में उनकी मांगों की अनदेखी की गई, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन पर विचार किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।